ज्ञान का महत्व – भगवद गीता की शिक्षा

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भगवद गीता का एक अत्यंत महत्वपूर्ण संदेश है – “ज्ञान ही जीवन का सच्चा प्रकाश है।”
श्रीकृष्ण ने अर्जुन को समझाया कि अज्ञान (Ignorance) ही मोह, भय और दुःख का कारण है, जबकि सच्चा ज्ञान (True Knowledge) व्यक्ति को मुक्ति और आत्मशांति देता है।


ज्ञान का वास्तविक अर्थ

गीता में ज्ञान का अर्थ केवल पुस्तकीय जानकारी या विद्वता नहीं है।
👉 ज्ञान का अर्थ है – आत्मा, परमात्मा और जगत के वास्तविक स्वरूप को समझना।
👉 यह समझना कि शरीर नश्वर है, आत्मा शाश्वत है और परमात्मा ही सबका आधार है।

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अर्जुन और ज्ञान

अर्जुन युद्धभूमि में मोह और अज्ञान के कारण विचलित था। वह रिश्तों और भावनाओं में उलझकर अपने कर्तव्य को भूल गया था।
तब श्रीकृष्ण ने उसे ज्ञान का प्रकाश दिया – कि वह आत्मा है, शरीर नहीं।
👉 यही ज्ञान अर्जुन को सही मार्ग पर ले आया।


गीता में ज्ञान का महत्व

  1. अज्ञान का नाश – ज्ञान अंधकार को मिटाकर सत्य को प्रकट करता है।
  2. निर्भयता – ज्ञान से मृत्यु और हानि का भय मिट जाता है।
  3. मोह-माया से मुक्ति – ज्ञान हमें आसक्ति और भ्रम से मुक्त करता है।
  4. आध्यात्मिक उन्नति – ज्ञान से ही व्यक्ति परमात्मा को जान सकता है।

श्रीकृष्ण का ज्ञान पर उपदेश

  • “जैसे अग्नि लकड़ी को भस्म कर देती है, वैसे ही ज्ञान कर्मों के बंधन को जला देता है।” (अध्याय 4, श्लोक 37)
  • “ज्ञान से बढ़कर कोई पवित्र वस्तु इस संसार में नहीं है।” (अध्याय 4, श्लोक 38)

आधुनिक जीवन में ज्ञान का महत्व

आज की शिक्षा प्रणाली केवल करियर और प्रतियोगिता पर केंद्रित है, लेकिन गीता हमें सिखाती है कि सच्चा ज्ञान आत्मिक और नैतिक होता है।

  • ज्ञान हमें जीवन की समस्याओं से निपटने की शक्ति देता है।
  • ज्ञान हमें सही और गलत का भेद करना सिखाता है।
  • ज्ञान हमें दूसरों के प्रति करुणा और समानता की भावना देता है।

प्रेरणादायक उदाहरण

  • स्वामी विवेकानंद – उन्होंने कहा: “शिक्षा वही है जो चरित्र निर्माण करे और जीवन में आत्मविश्वास लाए।”
  • महात्मा बुद्ध – ज्ञान प्राप्त करने के बाद उन्होंने अज्ञान और दुख से मुक्त होने का मार्ग दिखाया।
  • आदि शंकराचार्य – उन्होंने अद्वैत वेदांत के ज्ञान से पूरे भारत को आध्यात्मिक रूप से जागरूक किया।

ज्ञान प्राप्ति के उपाय

  1. सत्संग – ज्ञानी और संत पुरुषों की संगति करना।
  2. अध्ययन – गीता और अन्य शास्त्रों का नियमित अध्ययन।
  3. ध्यान और आत्मचिंतन – आत्मा और जीवन के सत्य पर विचार करना।
  4. सेवा और अनुभव – सेवा से भी जीवन का गहरा ज्ञान मिलता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

भगवद गीता की सातवीं शिक्षा “ज्ञान का महत्व” हमें बताती है कि बिना ज्ञान के जीवन अंधकारमय है।
👉 सच्चा ज्ञान केवल हमें भौतिक प्रगति ही नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और मोक्ष भी देता है।

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श्रीकृष्ण का संदेश:
“इस संसार में ज्ञान से बढ़कर कुछ भी पवित्र नहीं है।”

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