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🌿 भगवद गीता की प्रमुख शिक्षाएँ (Teachings of Bhagavad Gita)
- धर्म (Duty) का पालन करो
👉 अपने कर्तव्य (स्वधर्म) को बिना मोह-माया और भय के निभाओ। - फल की चिंता मत करो
👉 “कर्म करो, फल की इच्छा मत करो” – निष्काम कर्म योग। - आत्मा अमर है
👉 शरीर नाशवान है, लेकिन आत्मा जन्म-मरण से परे है। - सफलता-असफलता में समभाव
👉 सुख-दुःख, लाभ-हानि, विजय-पराजय में समान भाव रखना चाहिए। - योग का महत्व
👉 योग से मन और इंद्रियों को नियंत्रित किया जा सकता है। - भक्ति मार्ग
👉 भगवान के प्रति भक्ति से मुक्ति प्राप्त होती है। - ज्ञान का महत्व
👉 सच्चा ज्ञान व्यक्ति को अज्ञान और मोह से मुक्त करता है। - इंद्रिय-निग्रह
👉 इंद्रियों पर नियंत्रण साधक की सबसे बड़ी शक्ति है। - असक्त रहकर कर्म
👉 संसार में रहकर भी मोह-माया में न फँसना। - ईश्वर सर्वत्र है
👉 भगवान हर जीव और हर जगह में मौजूद हैं। - सच्चा योगी कौन?
👉 जो दया, समभाव, त्याग और करुणा से युक्त है वही सच्चा योगी है। - स्वयं पर विजय
👉 सबसे बड़ी विजय स्वयं की इच्छाओं और क्रोध पर नियंत्रण है। - सात्विक आहार और जीवनशैली
👉 शुद्ध, सात्विक जीवन मन को शांत और बुद्धि को स्थिर करता है। - तीन गुण (सत्व, रज, तम)
👉 इनसे ऊपर उठकर आत्मा की शुद्ध अवस्था प्राप्त करो। - परम शांति का मार्ग
👉 भक्ति, योग और आत्म-ज्ञान से ही शांति और मोक्ष मिलता है।

